मौसम में बदलाव के कारण बुखार के लक्षण (Fever Symptoms in Hindi) नजर आ सकते हैं। शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा बढ़ने से व्यक्ति को ठंड लगती है और शरीर में कमजोर महसूस होती है। सर्दियों में इंफेक्शन (Winter Infection) बनाने वाले पैथोजेन शरीर में प्रवेश करता है, तब बायोकेमिकल रिएक्शन के कारण कुछ रसायन बनते हैं जिन्हें पायरोजेन्स कहते हैं। इस प्रक्रिया से दिमाग के एक भाग हाईपोथैलमस पर प्रभाव पड़ता है। ये हिस्सा शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है। इस कारण से बुखार हो जाता है। आपको बता दें शरीर में बुखार के लक्षण है इसका मतलब है कि शरीर पैथोजेन से लड़ने का प्रयास कर रहा है। इस लेख में हम जानेंगे कुछ आसान आयुर्वेदिक उपाय (Ayurvedic Treatment) जिनकी मदद से बुखार का इलाज किया जा सकता है।
1. अदरक का सूप पिएं - अदरक का गरम-गरम सूप आपको बुखार के लक्षणों से लड़ने में मदद करेगा। अदरक के सूप का सेवन करने से गले की खराश दूर होती है। बंद नाक खुल जाती है। अदरक के सूप को बनाने के लिए अदरक को छीलकर पानी में डालें। जब पानी में अदरक का अर्क मिल जाए, तो उसमें काली मिर्च और नमक डालें। मिश्रण को गाढ़ा होने पर गिलास में निकाल लें। इसमें नींबू का रस डालकर पिएं।
2. बुखार में पिएं इलायची की चाय - बुखार आने पर इलायची की चाय का सेवन करें। इलायची खांसी और बुखार जैसी समस्या को दूर करने में फायदेमंद मानी जाती है। इलायची की चाय बनाने के लिए चाय पत्ती और इलायची को पानी के साथ उबालें। फिर उसमें थोड़ा अदरक डालकर उबालें। इस चाय का सेवन करने से बुखार जल्दी उतर जाएगा। हर व्यक्ति में बुखार के लक्षण (Fever Symptoms) अलग होते हैं इसलिए डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करें।
3. तुलसी का काढ़ा पिएं - तुलसी का इस्तेमाल औषधी के तौर पर किया जाता है। खांसी, जुकाम या बुखार होने पर तुलसी की पत्तियां चबाएं। इससे कोल्ड और फ्लू की समस्या दूर हो जाएगी। तुलसी का काढ़ा बनाकर पीने से असर जल्दी होता है। तुलसी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं। इससे संक्रमण और बुखार जैसे लक्षण दूर होते हैं। काढ़ा बनाने के लिए तुलसी की पत्तियां को पानी में उबाल लें। फिर उसमें शहद और नींबू डालकर पी लें।
4. काली मिर्च का चूर्ण खाएं - जुकाम, खांसी और बुखार जैसे लक्षण दूर करने के लिए काली मिर्च का चूर्ण खा सकते हैं। चूर्ण बनाने के लिए दो चुटकी हल्दी पाउडर, सोंठ पाउडर, एक चुटकी लौंग का पाउडर और 2 चुटकी काली मिर्च पाउडर और मिश्री मिला लें। इस मिश्रण को दूध में मिलाकर खा सकते हैं। काली मिर्च के चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ भी ले सकते हैं। काली मिर्च के चूर्ण को शहद से साथ चाटने से सर्दी और खांसी की समस्या भी दूर होती है।
5. सोंठ और गुड़ का सेवन करें - बुखार आने पर सोंठ और गुड़ (Sonth and Jaggery) को घी के साथ भूनकर लड्डू बना लें। इस मिश्रण को अच्छी तरह से भून लें। फिर लड्डू बनाकर एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें। सुबह-शाम एक लड्डू गुनगुने पानी के साथ लें। बुखार उतारने का ये आसान नुस्खा है। सोंठ और गुड़ की तासीर गरम होती है। इससे शरीर को गरमाहट मिलेगी और बुखार जल्दी उतर जाएगा।