Moral Story In Hindi - छोटी कहानी इन हिंदी
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| Moral Story In Hindi - छोटी कहानी इन हिंदी |
कहानी - 1
एक बार की बात है , खरगोश और कछुआ की रेस लगाई जाती है। खरगोश दौड़ने में बहुत तेज होता है इसलिए उसको पूर्ण विश्वास होता है कि वह यह रेस जीत जाएगा और वह दौड़ कर बहुत जल्दी आगे निकल जाता है।
लेकिन खरगोश को अपनी फुर्ती पर घमंड आ जाता है और वह सोचता है कि मैं तो कछुए से बहुत आगे आ गया हूँ अगर मैं थोड़ी देर सो लूंगा तो भी मैं यह रेस जीत जाऊंगा और खरगोश आगे जाकर सो जाता है।
कछुआ धीरे धीरे बढ़ता है लेकिन निरंतर बढ़ता ही रहता है वह ना रुकता है ना थकता है और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बढ़ता ही जाता है और अंत में रेस कछुआ जीत जाता है और खरगोश सोता ही रह जाता है।
शिक्षा – हमें कभी भी अपनी किसी बात पर घमंड नहीं करना चाहिए और अपने लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
कहानी - 2
एक बार की बात है गर्मियों का समय था और बहुत तेज धूप हो रही थी तभी एक कौवा पानी की तलाश में सब जगह घूम रहा था और उसने देखा कि इस गर्मियों में तो सूखा पड़ गया है और कहीं भी पानी नहीं है। कौवा उड़ते उड़ते बहुत सारी जगह खोज लेता है पर उसको पानी नहीं मिलता।
बहुत दूर जाकर एक गांव के पास उसको एक घड़े में थोड़ा सा पानी मिलता है। कौवा पानी पीने की कोशिश करता है पर उसकी चोच घड़े के पानी तक नहीं पहुंच पाती। कौवा पहले तो परेशान हो जाता है फिर अपना दिमाग लगाता है और पास में पड़े पत्थर एक-एक करके पानी में डालने लगता है। जब घड़े में आधे कंकड़ हो जाते हैं तो पानी ऊपर आ जाता है। इस प्रकार कौवा अपनी सूझबूझ से पानी पीता है और चला जाता है।
शिक्षा – हर समस्या का हल होता है बस हमको शांति से समस्या के हल के बारे में सोचना चाहिए ,जिस प्रकार कौआ को पानी मिल गया था पर पानी पीने कि समस्या थी उसी प्रकार हमारे जीवन में अनेक प्रकार की समस्या होती हैं जिनका हल हमारे पास होता है पर हम ध्यान नहीं देते।
कहानी - 3
एक बार की बात है जंगल में एक खूंखार शेर रहा करता था। शेर जब सो रहा होता है तभी उसके ऊपर एक चूहा कूदने लगता है और शेर को परेशान करता है शेर कि नींद अचानक खुलती है और वह चूहे को अपने पंजे में दबा देता है। चूहा शेर से माफ़ी मांगता है और कहता है – आप जंगल के राजा हो कृपया कर मुझे माफ कर दीजिए। जब भी मुझे मौका मिलेगा मैं आपकी मदद जरूर करूंगा।
शेर को चूहे की बात पर बहुत हंसी आती है पर शेर चूहे को जाने देता है। चूहा मन में यह ठान लेता है चाहे कुछ भी हो एक बार वह शेर की मदद जरूर करेगा।
कुछ दिनों बाद जंगल में शिकारी आते हैं और शेर को जाल में फंसा लेते हैं तभी वहां से चूहा निकलता है और वह जाल काट देता है।
चूहे के जाल काटने से शेर बहुत खुश होता है और उसको यह बात भी समझ में आ जाता है कि कोई छोटा हो या बड़ा हो समय आने पर आपकी मदद अवश्य कर सकता है। शेर चूहे का धन्यवाद करता है और जंगल में चला जाता है।
शिक्षा – छोटे और बड़े से कुछ नहीं होता जहां पर सुई का काम होता है वहां पर तलवार नहीं चलती और जहां तलवार का काम होता है वहां पर सुई नहीं चलती जैसा शेर को लग रहा था कि उसकी मदद चूहा कभी नहीं कर सकता पर चूहे ने शेर की जान बचाई इसलिए कभी हमको किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए।
कहानी - 4
एक बार की बात है एक जंगल में चालाक लोमड़ी रहती है जिसको दो-तीन दिन से खाने के लिए कुछ नहीं मिलता। वह बहुत कोशिश करती है पर उसको शिकार नहीं मिलता।
तभी वहां पर एक कौवा आता है और पेड़ की डाल पर बैठ जाता है। लोमड़ी देखती है कौवा रोटी लिए है। लोमड़ी उस रोटी को पाने के लिए चाल चलती है और कौवे से कहती है।
मैंने सुना है तुम बहुत अच्छा गाना गाते हो , क्या यह सच है ? सारे जंगल में यह बात फैली है कि कौवा बहुत ही मधुर गाना गाता है। तुम मुझे गाना गाकर सुनाओ।
कौआ लोमड़ी की बातों में आ जाता है और गाने के लिए जैसे ही मुँह खोलता है रोटी नीचे गिर जाती है। लोमड़ी रोटी लेकर भाग जाती है और कौवा पछताता रहता है।
शिक्षा – हमको किसी की भी झूठी बातों में नहीं आना चाहिए। हमें सच और झूठ की परख अवश्य होनी चाहिए नहीं तो हम अक्सर धोखा खा जाते हैं।
कहानी - 5
एक बार की बात है एक धोबी के पास एक गधा हुआ करता था। धोबी की पत्नी को कुत्ता बहुत पसंद था इसलिए उसने एक कुत्ता पाल लिया। जब भी कुत्ता धोबी के पास जाता है तो वह उसके सामने पूछ हिलाता था। यह देखकर धोबी बहुत खुश होता।
एक दिन गधे को लगा ऐसा करने से धोबी को बहुत अच्छा लगता है मैं भी अब से ऐसा ही करूंगा।
एक दिन जैसे ही धोबी घर आया ,गधा धोबी के पास गया और उसके पैरों को चाटने लगा और अपनी पूंछ हिलाने लगा। धोबी ने गधे को दूर किया पर गधा दोबारा आया और फिर वही हरकत करने लगा। यह देख कर धोबी को गुस्सा आ गया उसने डंडे से गधे की पिटाई कर दी।
शिक्षा – हम जैसे हैं हमें वैसे ही रहना चाहिए किसी और की नकल नहीं करना चाहिए। हम सब अलग-अलग काम के लिए बने हैं यह हमें ज्ञात होना चाहिए।
