Moral Story In Hindi - आखरी सीख
![]() |
| Moral Story In Hindi - आखरी सीख |
बहुत पुरानी बात है जब बच्चे आश्रम में रहकर शिक्षा ग्रहण करते थे। उस समय बच्चों को बचपन में आश्रम भेज दिया जाता था और जब तक उनकी शिक्षा पूरी नहीं हो जाती थी तब तक उनको घर आने नहीं मिलता था। एक बार सभी शिष्यों की शिक्षा पूर्ण हो गई थी तभी उनके गुरु ने सभी शिष्यों को बुलाया और तीन एक समान लकड़ी के खिलौने उनके सामने रख दिए और सभी सदस्यों से पूछा बताओ इन में क्या अंतर है ?
पहले तो किसी को कोई अंतर समझ में नहीं आया पर ध्यान से देखने में लकड़ी के खिलौनों में अंतर समझ में आ गया। एक शिष्य ने कहा इसके एक कान में छेद है , दूसरे खिलौने के मुंह और कान में छेद है और तीसरे खिलौने के दोनों कान में छेद है।
गुरु ने उन सभी सदस्यों से कहा जीवन में तुमको भी इसी प्रकार के लोग मिलेंगे पहला खिलौना जिसके दोनों कान में छेद है वह यह दर्शाता है कि जब आप किसी को अपनी समस्या सुनाएंगे तो वह एक कान से सुनेगा और दूसरे कान से निकाल देगा। ऐसे लोग कभी विश्वास के पात्र नहीं होते इसलिए कुछ भी हो जाए ऐसे लोगों को तुम कभी भी अपनी समस्या मत बताना।
दूसरा खिलौना जिसके एक कान और मुंह में छेद है वह यह दर्शाता है जब तुम ऐसे व्यक्ति को अपनी गुप्त बात या समस्या बताओगे तो वह सब को वह बात बताएगा , ऐसे व्यक्ति को कभी अपनी बात नहीं बतानी है ना उस पर कभी भरोसा करना है। वह तुम्हारे सारे राज सबको बता देगा।
तीसरा खिलौना जिसके एक कान में छेद है ऐसे व्यक्ति का प्रतीक है जो हमारी बात ध्यान से सुनते हैं और ना किसी से कहते हैं बल्कि हमारी समस्या का समाधान भी हमें बताते हैं।
ऐसे व्यक्ति सदैव मित्रता करने के योग होते हैं और हमेशा हमारे सुख-दुख में हमारे साथ होते हैं। जब भी ऐसा कोई व्यक्ति मिले जो तुम्हारी बात किसी से ना कहे और तुम्हारी हर समस्या का समाधान करें तो उसको कभी नहीं जाने देना उसे हमेशा मित्र बना कर रखना।
गुरु ने अपनी बात खत्म करते हुए सभी शिष्यों को आशीर्वाद दिया और कहा यह मेरा अंतिम उपदेश हैं ,मैंने तुम लोगों को बहुत ज्ञान दिया था , पर यह ज्ञान तुम लोगों को जिस समाज में जा रहे हो उसके लिए है इसको हमेशा याद रखना और जीवन में आगे बढ़ना।
शिक्षा – इस कहानी से हमें किस प्रकार के लोगो को अपना मित्र बनाना है और किस प्रकार के लोगो हमें दूर रहना है इसका ज्ञान प्राप्त होता है।
